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Showing posts from October, 2018

Statue of Unity: दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति की जानें ये 10 खास बातें

Statue Of Unity: 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती है और इस बार यह जयंती खास होगी. दरअसल इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी राष्ट्र को समर्पित करेंगे. यह विश्व की सबसे ऊंची गगनचुंबी प्रतिमा है. जानते हैं इस प्रतिमा से जुड़ी खास बातें... Statue Of Unity: सरदार पटेल की मूर्ति दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनकर तैयार है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर को इस प्रतिमा का उद्घाटन करेंगे. यह मूर्ति सरदार वल्लभ भाई पटेल की है, जो हमेशा जमीन से जुड़े रहे और अब वे आसमान की भी शोभा बढ़ाएंगे. आइए जानते हैं इस मूर्ति की 11 खास बातें, जो आप शायद ही जानते होंगे... - मूर्ति की लंबाई 182 मीटर है और यह इतनी बड़ी है कि इसे 7 किलोमीटर की दूरी से भी देखा जा सकता है. बता दें कि 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' ऊंचाई में अमेरिका के 'स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी' (93 मीटर) से दोगुना है. - इस मूर्ति में दो लिफ्ट भी लगी है, जिनके माध्यम से आप सरदार पटेल की छाती पहुंचेंगे और वहां से आप सरदार सरोवर बांध का नजारा देख सकेंगे और खूबसूरत वादियों...

इलाहाबाद का नाम बदलने के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती

फाइल फोटो: इलाहाबाद हाई कोर्ट प्रयागराज   उत्तर प्रदेश में   इलाहाबाद   का नाम बदलकर प्रयागराज करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ इलाहाबाद   हाई कोर्ट   में याचिका दाखिल की गई है। अधिवक्ता सुनीता शर्मा ने यह जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी पक्षकार बनाया गया है।   याची के अधिवक्ता विजय चन्द्र  श्रीवास्तव ने बताया, 'पहले 'इला' के नाम से 'इलावास' बसाया गया   था, जिसे बाद में इलाहाबाद कहा जाने लगा। लोग सैकड़ों साल से प्रयाग को इलाहाबाद के नाम से जानते हैं।' याचिका में अर्द्धकुंभ को कुंभ घोषित करने पर भी आपत्ति की गई है। 18 अक्टूबर 2018 को जारी की गई अधिसूचना को भी याचिका को चुनौती दी गई है। इसी अधिसूचना में राज्य सरकार द्वारा इलाहाबाद का नाम प्रयागराज घोषित किया गया था।   गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की मौजूदा योगी आदित्यनाथ सरकार ने 18 अक्टूबर को अधिसूचना जारी करके ऐलान किया था कि इलाहाबाद को अब प्रयागराज के नाम से जाना जाएगा। इस परिवर्तन के पीछे सरकार का तर्क था कि पहले इस शहर का नाम प्रयाग ही ...

जमीन पर उतरा योगी का 'प्रयागराज', बदल गया DM दफ्तर का नाम

योगी सरकार द्वारा बदला गया इलाहाबाद के नाम का असर अब कागज से उतरकर सच्चाई में दिखने लगा है. इलाहाबाद के डीएम दफ्तर के बाहर जिलाधिकारी प्रयागराज के बैनर लग गए हैं. डीएम दफ्तर के बाहर की तस्वीर, फोटो क्रेडिट- पीटीआई उत्तर प्रदेश की  योगी  सरकार द्वारा कुंभनगरी  इलाहाबाद  पर बहस अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुई थी कि इसका असर जमीन पर दिखना शुरू हो गया है. आधिकारिक रूप से नाम बदलने के कुछ दिन बाद ही इलाहाबाद के जिला अधिकारी  दफ्तर  (DM दफ्तर) का नाम भी बदल गया है. डीएम ऑफिस के बाहर अब "जिला अधिकारी, प्रयागराज" का बैनर चस्पा कर दिया गया है. बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने 16 अक्टूबर को आधिकारिक रूप से इलाहाबाद का नाम बदलने का फैसला किया था. इस प्रस्ताव की मंजूरी राज्यपाल रामनाइक के द्वारा भी मिल गई थी. विपक्ष के निशाने पर था फैसला नाम बदलने की इस परंपरा पर विपक्ष की कई पार्टियों ने सवाल उठाए थे, कांग्रेस-सपा-बसपा ने इलाहाबाद का नाम बदलने का पुरजोर विरोध किया था. इसके अलावा सोशल मीडिया पर इस खबर ने काफी सुर्खियां ब...

दीपिका ने शेयर की अपनी फोटो, तो रणवीर ने किया ये Naughty कमेंट

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण आज कल एक दूसरे पर खूब प्यार बरसा रहे हैं। हालांकि ये प्यार अभी सोशल मीडिया के जरिए बरसाया जा रहा है। अब देखिए न हाल ही में दीपिका ने अपनी एक फोटो शेयर की और लिखा, 'मार्क जेकोब्स ने एक बार कहा था कि जो हमें पसंद है चलो उसे करें और उसे बहुत ज्यादा करें। दीपिका की इस फोटो पर उन्हें कई कमेंट आए जिनमें से एक रणवीर सिंह का भी था। रणवीर ने इस पर अपने अंदाज में कमेंट करते हुए लिखा, 'मार्क सही कहते हैं, हमें बहुत ज्यादा करने की जरूरत है।' जब रणवीर की फोटो देख दीपिका ने कहा NO वैसे बता दें कि पिछले कुछ दिनों से दोनों ही एक दूसरी की फोटो पर कई कमेंट करते रहते हैं। अभी हाल ही में रणवीर ने अपने बचपन की एक फनी फोटो शेयर की थी। रणवीर की इस फोटो पर कई स्टार्स ने कमेंट किए थे, लेकिन दीपिका ने तो इस फोटो को देखकर सीधा 'नो' कह दिया था। इस दिन हो सकती है दोनों की शादी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों 10 नवंबर को शादी कर सकते हैं। दोनों स्विट्जरलैंड या इटली जाकर शादी रचा सकते हैं। खबर ये भी ह...

दीपिका और रणवीर ने ट्विटर पर बताई शादी की तारीख

बॉलिवुड ऐक्ट्रेस दीपिका  पादुकोण और रणवीर सिंह के फैन्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। काफी वक्त से इनकी शादी चर्चा का विषय बनी हुई थी और आखिरकार आज दोनों ने शादी की तारीख का भी ऐलान कर दिया। जी हां, बॉलिवुड का यह रोमांटिक कपल इसी साल 14-15 नवंबर को शादी के  पिका और रणवीर ने ट्विटर पर इसकी जानकारी दी है। दोनों ने शादी का कार्ड ट्विटर पर शेयर किया है जिसमें शादी की तारीख लिखी है। यह हिन्दी और अंग्रेजी, दोनों ही भाषा में शेयर किया गया है। Ranveer Singh ✔ @RanveerOfficial 4:03 PM - Oct 21, 2018 50K 11.5K people are talking about this Twitter Ads info and privacy सूत्रों के अनुसार, चूंकि यह मौका दीपिका और रणवीर के लिए बेहद खास है, इसलिए इस शादी में सिर्फ दोनों के खास दोस्त और परिवारवाले शामिल होंगे। खबरों की मानें तो शादी इटली के लेक कोमो में होगी। हालांकि रणवीर और दीपिका भारत आने पर दो रिसेप्शन रखेंगे। एक रिसेप्शन मुंबई में तो वहीं दूसरा दीपिका के होम टाउन बेंगलुरु में। आपको मालूम ही होगा...

लोगों ने कहा- हादसे के बाद नवजोत कौर खिसक गईं, नवजाेत बोलीं-पहले जा चुकी थी

अमृतसर में हुए हादसे के बाद पंजाब के कैबिनेट मत्री नवूाजे कौर सिद्धू कर पत्‍नी डॉ. नाजवेत कौर सिद्धू निशाने पर आ गईं। उन पर हादसे के बाद कार्यक्रम स्‍थल से खिसक जाने का आरोप है। जेएनएन, अमृतसर। शहर के जोड़ा रेलवे फाटक के पास दशहरा कार्यक्रम के दौरान हुए भीषण हादसे में पजाब के स्‍थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्‍नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू भी निशाने पर आए गई हैं। बताया जाता है कि वह इस कार्यक्रम की मुख्‍य अतिथि थीं और जब हादसा हुआ तो लाेगों की मदद करने के बजाए वह वहं से खिसक गईं। इससे लाेगों में आक्रोश है। काफी संख्‍या में लोग वहां प्रदर्शन कर रहे हैं और नवजोत कौर के खिलाफ हत्‍या का मामला दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, डॉ. नवजोत कौर ने आरोपों को पूरी तरह नकार दिया। उन्‍हाेंने कहा कि वह हादसे से पहले वहां से जा चुकी थीं। वह हादसे में घायल लोगों को देखने अस्‍पतालों में भी गर्इं। जानकारी के अनुसार, हादसा स्थल जोड़ा फाटक अमृतसर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र में पड़ता है। इस क्षेत्र से नवजाेत सिंह सिद्धू विधायक हैं और पहले उनकी पत्‍नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू यहां का प्रतिनिध...

लिच्छवी एक्सप्रेस से कुचलकर बीस बंदरों की दर्दनाक मौत, रेल पटरी पर बैठा था झुंड

फतेहपुर रेलवे स्टेशन पर पटरी पर बैठे बंदरों को झुंड के ऊपर से लिच्छवी एक्सप्रेस गुजर गई। बंदरों के चीथड़े और खून की छींटे प्लेटफार्म तक पहुंच गईं। कानपुर (जेएनएन)।  दशहरा की रात अमृतसर में रावण दहन देख रहे लोगों को ट्रेन ने रौंद दिया, इसी समय ऐसा ही एक हादसा दिल्ली-हावड़ा रेल रूट पर फतेहपुर में भी हुआ। बस अच्छा यह रहा कि यहां किसी इंसान की मौत नहीं हुई। यहां पर हादसे का शिकार हुए लंका पर विजय पाने के लिए श्रीराम की मदद करने वाली सेना के वंशज बंदर। रेल पटरी पर मौजूद बंदरों के झुंड को लिच्छवी एक्सप्रेस रौंदते हुए गुजर गई, इसमें बीस बंदरों की कुचलकर मौत हो गई। हालांकि जीआरपी और स्टेशन अधीक्षक ने पंद्रह बंदरों के मरने की बात कही है। फतेहपुर रेलवे स्टेशन पर हुई घटना फतेहपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या-3 पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी यात्रियों ने बताया कि शुक्रवार की रात रेल पटरी पर कहीं से बंदरों का झुंड आया गया। सभी बंदर रेल पटरी के ऊपर बैठ गए, ट्रेन आने की आशंका पर कुछ यात्रियों ने भगाने का प्रयास किया। लेकिन बंदरों द्वारा हमला करने भपकी देख यात्री भी भयवश पीछे हट गए। रात क...

Amritsar Train Accident: पटरी पर रेलवे के इतिहास का सबसे बड़ा हादसा, जानिये कब और कहां कितने लोगों ने गंवाई जान...

Amritsar Train Accident: अमृतसर में बड़ा ट्रेन हादसा. नई दिल्ली:  पंजाब के अमृतसर (Amritsar train accident) में दशहरे के दिन रावण दहन देखने आए लोगों के लिए किसी खौफनाक दिन से कम नहीं रहा. शुक्रवार की शाम रावन दहन के दौरान ट्रेन की चपेट में आने से अब तक 61 लोगों की मौत हो गई है और 100 से अधिक लोग घायल हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है. दरअसल, अमृतसर के जोड़ा फाटक के पास शुक्रवार की शाम दशहरा (dussehra 2018) के मौके पर रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी थी. लोग रेल की पटरियों पर खड़े होकर रावण दहन देख रहे थे, तभी अचानक तेज रफ्तार में ट्रेन आई और सैकड़ों लोगों को कुचलती हुई चली गई. ट्रेन जालंधर से अमृतसर आ रही थी तभी जोड़ा फाटक पर यह हादसा हुआ. बता दें कि रेल पटरी पर होने वाला यह हादसा रेलवे के इतिहास की सबसे भीषण दुर्घटनाओं में शामिल हो गई है.   मामले से जुड़ी अहम जानकारियां : 4 जून 2002:  उत्तर प्रदेश में कासगंज फाटक को पार करते समय एक यात्री बस की कानपुर-कासगंज एक्सप्रेस टक्कर हुई. हादसे में 30 लोगों की मौत हो गई और 29 अन्य घायल हो ...

Amritsar Tragedy, कई जिंदगियां निगल गया 'राजनीति का रावण', पोस्‍टर बना चर्चा का विषय

अमृतसर में दशहरा कार्यक्रम के दौरान हुआ हादसा राजनीति के रावण की करतूत थीफ राजनीति चमकाने के लिए किया गया यह आयोजन बिना किसी सुरक्षा प्रबंध के किए गए व नियमों की अनदेखी की गई। अमृतसर, [विपिन कुमार राणा/नितिन धीमान]।  यह दशहरा पर रावण दहन नहीं था। एक अदने से कार्यकर्ता से बड़ा राजनेता बनने का जुनून था। कांग्रेस नेता मिट्ठू मदान ने दशहरा उत्सव मनाने के लिए हर नियम का उल्लंघन किया। पूर्व विधायक डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को जोड़ा फाटक में दशहरा उत्सव में बुलाकर मिट्ठू अपना कद ऊंचा करना चाहता था। लेकिन, यहां कद और प्रतिष्ठा के चक्कर में दर्जनों लोगों की जिंदगी चली गई। हादसे के शिकार लोगों के परजिनों ने 'राजनीति के रावण' करार दिया है। लाेगों का कहना है कि इस घटना का प्रत्यक्ष कसूरवार आयोजक और जिला प्रशासन है। दूसरी ओर, इस कार्यक्रम के लिए लगाए गए पोस्‍टर पर हुई गलती चर्चा का विषय बन गई है। इस पर लिखा था, ' नेकी पर बदी की जीत' यानि अच्‍छाई पर बुराई की जीत। दशहरा कार्यक्रम के आयोजन में किया गया नियमों का उल्लंघन असल में जोड़ा फाटक में रा...