Skip to main content

लिच्छवी एक्सप्रेस से कुचलकर बीस बंदरों की दर्दनाक मौत, रेल पटरी पर बैठा था झुंड


लिच्छवी एक्सप्रेस से कुचलकर बीस बंदरों की दर्दनाक मौत, रेल पटरी पर बैठा था झुंड
फतेहपुर रेलवे स्टेशन पर पटरी पर बैठे बंदरों को झुंड के ऊपर से लिच्छवी एक्सप्रेस गुजर गई। बंदरों के चीथड़े और खून की छींटे प्लेटफार्म तक पहुंच गईं।

फतेहपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या-3 पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी यात्रियों ने बताया कि शुक्रवार की रात रेल पटरी पर कहीं से बंदरों का झुंड आया गया। सभी बंदर रेल पटरी के ऊपर बैठ गए, ट्रेन आने की आशंका पर कुछ यात्रियों ने भगाने का प्रयास किया। लेकिन बंदरों द्वारा हमला करने भपकी देख यात्री भी भयवश पीछे हट गए। रात करीब दस बजे तेज रफ्तार लिच्छवी एक्सप्रेस पटरी पर मौजूद बंदरों के झुंड को रौंदते हुए गुजर गई। यात्रियों ने बताया कि हादसे में करीब बीस बंदरों की मौत हो गई, वहीं कई बंदर घायल भी हो गए। बंदरों के चीथड़े उडऩे से खून की छींटे स्टेशन पर प्लेटफार्म तक पहुंच गईं।
हादसे के बाद रेलवे स्टेशन पर लगा बंदरों का हुजूम
देर रात हादसे के बाद बंदरों के शव इधर उधर ट्रैक पर पड़े थे। यात्रियों की भीड़ हटते ही सैकड़ों बंदरों का हुजूम लग गया। पूरी रात बंदर स्टेशन परिसर के हर कोने में बैठे रहे। प्लेटफार्म पर मौजूद यात्री और जीआरपी भी बंदरों को खदेडऩे की हिम्मत नहीं जुटा सके। यात्रियों ने बताया कि ट्रेन के लोको पायलट यदि हॉर्न बजाता तो शायद बंदरों की जान बच सकती थी। दशहरा पर्व पर हुए हादसे को देख प्रत्यक्षदर्शी भी गमगीन रहे। स्थानीय लोगों में चर्चा रही कि दशहरा के दिन जिस वानर सेना की मदद से भगवान श्रीराम ने लंका पर विजय प्राप्त की थी, उसी दिन बीस बंदरों की ट्रेन से कुचलकर मौत हो गई।
कुछ मृत बंदर खाली मालगाड़ी में फेंकने का आरोप
शनिवार सुबह बंदरों का झुंड रेलवे स्टेशन से चला गया, इसके बाद कर्मचारियों ने रेल पटरी से मृत बंदरों को हटाकर सफाई की। प्रत्यक्षदर्शी यात्रियों ने आरोप लगाया कि रेलवे कर्मियों ने कुछ मृत बंदर स्टेशन से गुजरी मालगाड़ी की खुली बोगी में फेंक दिये। हालांकि इस बात से इन्कार करते हुए जीआरपी एसओ अरङ्क्षवद सरोज ने कहा कि रेल पटरी से सभी बंदरों के शवों को हटवाकर दफन करा दिया गया है। मालगाड़ी की बोगी में फेंकने जैसी बात सरासर गलत है। वहीं फतेहपुर रेलवे स्टेशन अधीक्षक राजीव लोचन शुक्ला ने बताया कि ट्रेन की चपेट में आने से लगभग 15 बंदरों की मौत हुई है।

Comments

Popular posts from this blog

दीपिका ने शेयर की अपनी फोटो, तो रणवीर ने किया ये Naughty कमेंट

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण आज कल एक दूसरे पर खूब प्यार बरसा रहे हैं। हालांकि ये प्यार अभी सोशल मीडिया के जरिए बरसाया जा रहा है। अब देखिए न हाल ही में दीपिका ने अपनी एक फोटो शेयर की और लिखा, 'मार्क जेकोब्स ने एक बार कहा था कि जो हमें पसंद है चलो उसे करें और उसे बहुत ज्यादा करें। दीपिका की इस फोटो पर उन्हें कई कमेंट आए जिनमें से एक रणवीर सिंह का भी था। रणवीर ने इस पर अपने अंदाज में कमेंट करते हुए लिखा, 'मार्क सही कहते हैं, हमें बहुत ज्यादा करने की जरूरत है।' जब रणवीर की फोटो देख दीपिका ने कहा NO वैसे बता दें कि पिछले कुछ दिनों से दोनों ही एक दूसरी की फोटो पर कई कमेंट करते रहते हैं। अभी हाल ही में रणवीर ने अपने बचपन की एक फनी फोटो शेयर की थी। रणवीर की इस फोटो पर कई स्टार्स ने कमेंट किए थे, लेकिन दीपिका ने तो इस फोटो को देखकर सीधा 'नो' कह दिया था। इस दिन हो सकती है दोनों की शादी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों 10 नवंबर को शादी कर सकते हैं। दोनों स्विट्जरलैंड या इटली जाकर शादी रचा सकते हैं। खबर ये भी ह...

दीपिका और रणवीर ने ट्विटर पर बताई शादी की तारीख

बॉलिवुड ऐक्ट्रेस दीपिका  पादुकोण और रणवीर सिंह के फैन्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। काफी वक्त से इनकी शादी चर्चा का विषय बनी हुई थी और आखिरकार आज दोनों ने शादी की तारीख का भी ऐलान कर दिया। जी हां, बॉलिवुड का यह रोमांटिक कपल इसी साल 14-15 नवंबर को शादी के  पिका और रणवीर ने ट्विटर पर इसकी जानकारी दी है। दोनों ने शादी का कार्ड ट्विटर पर शेयर किया है जिसमें शादी की तारीख लिखी है। यह हिन्दी और अंग्रेजी, दोनों ही भाषा में शेयर किया गया है। Ranveer Singh ✔ @RanveerOfficial 4:03 PM - Oct 21, 2018 50K 11.5K people are talking about this Twitter Ads info and privacy सूत्रों के अनुसार, चूंकि यह मौका दीपिका और रणवीर के लिए बेहद खास है, इसलिए इस शादी में सिर्फ दोनों के खास दोस्त और परिवारवाले शामिल होंगे। खबरों की मानें तो शादी इटली के लेक कोमो में होगी। हालांकि रणवीर और दीपिका भारत आने पर दो रिसेप्शन रखेंगे। एक रिसेप्शन मुंबई में तो वहीं दूसरा दीपिका के होम टाउन बेंगलुरु में। आपको मालूम ही होगा...

इलाहाबाद का नाम बदलने के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती

फाइल फोटो: इलाहाबाद हाई कोर्ट प्रयागराज   उत्तर प्रदेश में   इलाहाबाद   का नाम बदलकर प्रयागराज करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ इलाहाबाद   हाई कोर्ट   में याचिका दाखिल की गई है। अधिवक्ता सुनीता शर्मा ने यह जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी पक्षकार बनाया गया है।   याची के अधिवक्ता विजय चन्द्र  श्रीवास्तव ने बताया, 'पहले 'इला' के नाम से 'इलावास' बसाया गया   था, जिसे बाद में इलाहाबाद कहा जाने लगा। लोग सैकड़ों साल से प्रयाग को इलाहाबाद के नाम से जानते हैं।' याचिका में अर्द्धकुंभ को कुंभ घोषित करने पर भी आपत्ति की गई है। 18 अक्टूबर 2018 को जारी की गई अधिसूचना को भी याचिका को चुनौती दी गई है। इसी अधिसूचना में राज्य सरकार द्वारा इलाहाबाद का नाम प्रयागराज घोषित किया गया था।   गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की मौजूदा योगी आदित्यनाथ सरकार ने 18 अक्टूबर को अधिसूचना जारी करके ऐलान किया था कि इलाहाबाद को अब प्रयागराज के नाम से जाना जाएगा। इस परिवर्तन के पीछे सरकार का तर्क था कि पहले इस शहर का नाम प्रयाग ही ...