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Amritsar Tragedy, कई जिंदगियां निगल गया 'राजनीति का रावण', पोस्‍टर बना चर्चा का विषय


अमृतसर हादसे का सच, कई जिंदगियां निगल गया 'राजनीति का रावण', पोस्‍टर बना चर्चा का विषय
अमृतसर में दशहरा कार्यक्रम के दौरान हुआ हादसा राजनीति के रावण की करतूत थीफ राजनीति चमकाने के लिए किया गया यह आयोजन बिना किसी सुरक्षा प्रबंध के किए गए व नियमों की अनदेखी की गई।
असल में जोड़ा फाटक में रावण दहन की प्रशासनिक इजाजत नहीं थी। दूसरी सबसे बड़ी चूक यह कि दशहरा दहन स्थल पर लगाई गई एलईडी लाइटों को रेलवे ट्रैक की ओर रखा गया। लोगों की आंखों में सीधे लाइट पड़ रही थी, इसलिए उन्हें रेल ट्रैक दिखाई नहीं दिया। हादसे की एक बड़ी वजह यह थी कि पुतलों के दहन के दौरान जबरदस्त आतिशबाजी हुई, जिस कारण लोग रेलगाड़ी और पटरियों के बीच घर्षण से उत्पन्न होने वाली आवाज और ट्रेन का हार्न नहीं सुन पाए। घायलों के अनुसार जौड़ा फाटक पर भी ट्रेन तेज रफ्तार से गुजरी।रेलवे ट्रैक की साइड लगाई थी एलईडी लाइट, लोगों को नहीं दिखाई दी तेज रफ्तार ट्रेनकांग्रेस पार्षद विजय मदान के पुत्र मिट्ठू मदान ने दशहरा के नाम पर राजनीति चमकाने के लिए कुछ दिन पहले ही शहर में पोस्टर लगाए थे। इन पोस्टरों में नेकी पर बदी की जीत लिखा था।आक्रोशित परिजनों ने सांसद औजला को सुनाई खरी-खोटीदेश को दहला देने वाली इस घटना के प्रति शोक व्यक्त करने के लिए गुरु नानक देव अस्पताल पहुंचे कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला को हादसे के शिकार हुए लोगाें के परिजनों ने जमकर खरी-खोटी सुनाई। परिजनों ने कहा कि रेल पटरी के समीप रावण दहन करने की आज्ञा किसने दी। सरकारी लापरवाही के कारण हमारे अपने बिछुड़ गए। परिजन इतने आक्रोशित थे कि वह सांसद औजला को पकड़ने तक दौड़े। सुरक्षा कर्मियों के बीच बचाव के बीच सांसद औजला वहां से निकल गए। विधायक सुनील दत्ती, डिप्टी कमिश्नर कमलदीप सिंह संघा भी गुरु नानक देव अस्पताल पहुंचे और परिवारों से सांत्वना व्यक्त की।
प्रशासनिक अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई : औजलासांसद गुरजीत औजला ने कहा कि यह घटना प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। रावण दहन की आज्ञा किसने दी? यदि आज्ञा नहीं थी तो वहां दशहरा कैसे मनाया गया? प्रशासन ने इसकी जांच नहीं की। प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन होगा।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह पहुंचे सिविल अस्पताल
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। वह सिविल अस्पताल पहुंचे और शोक में डूबे परिवारों को ढाढस बंधाया। दूसरी तरफ मृतकों एवं घायलों के नामों की सूची जिला प्रशासन बना रहा है।
लोगों ने कहा आयोजकों के खिलाफ होना चाहिए केस दर्ज
वकील रवि महाजन, सुधीर शर्मा ने कहा कि कानून के अनुसार आयोजक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए, क्योंकि हादसे में आयोजकों की लापरवाही सामने आई है। यदि पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया तो वे हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे।
भाजपा ने अमृतसर बंद की घोषणा
भाजपा ने शनिवार को अमृतसर बंद की भी घोषणा की है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य श्वेत मलिक, राष्ट्रीय सचिव तरुण चुग घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे। भाजपा नेताओं ने आयोजकों द्वारा बिना प्रशासनिक मंजूरी के करवाए गए आयोजन को लेकर उन पर मामला भी दर्ज करने की मांग की।
 गुरु नानक देव अस्पताल पहुंचीं नवजोत कौर, नारेबाजी
रावण दहन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं डॉ. नवजोत कौर सिद्धू देर रात गुरु नानक देव अस्पताल पहुंचीं। उन्हें देखकर लोगों का गुस्सा भड़क गया। लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर घायलों तक पहुंचाया।
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पोस्टर पर लिखी लाइन में चूक रही चर्चाओं में
किसी को इसका अंदाजा नहीं था कि दशहरा कार्यक्रम के पोस्टर पर लिखने में हुई चूक इस तरह सच साबित हो सकती है। पोस्टर पर लिखी लाइन 'नेकी पर बदी की जीत' दिनभर चर्चा में रही और शाम को हकीकत में बदल गई। काल बनकर आई अभागी ट्रेन ने बुराई पर अच्छाई की जीत का मंजर देखने आए दर्जनों लोगों को लील लिया। दरअसल शहर के जोड़ा फाटक पर दशहरे के अवसर पर पुतला दहन को लेकर स्थानीय दशहरा कमेटी ने एक पोस्टर जारी किया था।
पोस्टर को बड़े-बड़े होर्डिग्स पर लगाया गया था। इस पर गलती से 'बदी पर नेकी की जीत' की जगह ' नेकी पर बदी की जीत' लिखा गया था। दिनभर सोशल मीडिया पर चर्चा में रहने वाले इस पोस्टर पर सूबे के स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी डॉक्टर नवजोत कौर सिद्धू की फोटो भी लगी हुई थी। नवजोत कौर सिद्धू इस कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शामिल भी थीं।

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