फतेहपुर रेलवे स्टेशन पर पटरी पर बैठे बंदरों को झुंड के ऊपर से लिच्छवी एक्सप्रेस गुजर गई। बंदरों के चीथड़े और खून की छींटे प्लेटफार्म तक पहुंच गईं। कानपुर (जेएनएन)। दशहरा की रात अमृतसर में रावण दहन देख रहे लोगों को ट्रेन ने रौंद दिया, इसी समय ऐसा ही एक हादसा दिल्ली-हावड़ा रेल रूट पर फतेहपुर में भी हुआ। बस अच्छा यह रहा कि यहां किसी इंसान की मौत नहीं हुई। यहां पर हादसे का शिकार हुए लंका पर विजय पाने के लिए श्रीराम की मदद करने वाली सेना के वंशज बंदर। रेल पटरी पर मौजूद बंदरों के झुंड को लिच्छवी एक्सप्रेस रौंदते हुए गुजर गई, इसमें बीस बंदरों की कुचलकर मौत हो गई। हालांकि जीआरपी और स्टेशन अधीक्षक ने पंद्रह बंदरों के मरने की बात कही है। फतेहपुर रेलवे स्टेशन पर हुई घटना फतेहपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या-3 पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी यात्रियों ने बताया कि शुक्रवार की रात रेल पटरी पर कहीं से बंदरों का झुंड आया गया। सभी बंदर रेल पटरी के ऊपर बैठ गए, ट्रेन आने की आशंका पर कुछ यात्रियों ने भगाने का प्रयास किया। लेकिन बंदरों द्वारा हमला करने भपकी देख यात्री भी भयवश पीछे हट गए। रात क...